राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) का नाम 29 मार्च 2016 से बदलकर दीनदयाल अंत्योदय योजना–राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) कर दिया गया। यह एक केंद्र प्रायोजित योजना है, जिसमें केंद्र एवं राज्य सरकारें संयुक्त रूप से वित्त पोषण करती हैं।
NRLM का उद्देश्य ग्रामीण गरीब परिवारों को लाभकारी स्वरोजगार एवं कौशल आधारित रोजगार के अवसर उपलब्ध कराकर ग्रामीण गरीबी को कम करना है।
इस मिशन का लक्ष्य वर्ष 2024-25 तक 10 से 12 करोड़ ग्रामीण परिवारों को समयबद्ध तरीके से स्वयं सहायता समूहों (Self Help Groups - SHGs) से जोड़ना है।
सामाजिक-आर्थिक एवं जातिगत जनगणना (SECC) के अनुसार कम से कम एक वंचना मानदंड वाले परिवारों तथा पी.आई.पी. प्रक्रिया के माध्यम से चिन्हित परिवारों को DAY-NRLM के लक्षित समूह में शामिल किया जाएगा तथा वे योजना के अंतर्गत मिलने वाले सभी लाभों के पात्र होंगे।
योजना का नाम - दीनदयाल अंत्योदय योजना - राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM)
योजना का उद्देश्य
गरीब परिवारों को लाभदायक स्वरोजगार और कुशल मजदूरी रोजगार तक पहुंच प्रदान करके ग्रामीण गरीबी को कम करना। यह निरंतर आजीविका विकल्पों और मजबूत जमीनी संस्थाओं के माध्यम से हाशिए पर रहने वाले समुदायों—विशेषकर महिलाओं—को सशक्त बनाता है।
प्रमुख पात्रता आवश्यकताएं
1. लक्षित जनसांख्यिकी
- प्राथमिक फोकस: ग्रामीण गरीब और हाशिए के परिवार।
- महिला-केंद्रित: अधिकांश लाभ केवल महिलाओं वाले स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के माध्यम से दिए जाते हैं।
- पहचान: लाभार्थियों की पहचान सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना (SECC 2011) या सहभागी पहचान प्रक्रिया (PIP) के डेटा का उपयोग करके की जाती है।
2. स्वयं सहायता समूह (SHG) मानदंड: लाभ (जैसे रिवाल्विंग फंड और बैंक लिंकेज ऋण) प्राप्त करने के लिए, SHG को स्वयं कुछ विशिष्ट शर्तों को पूरा करना होगा:
- समूह का आकार: आमतौर पर 10 से 20 सदस्य होते हैं। विशेष परिस्थितियों में (जैसे, दूरस्थ आदिवासी क्षेत्र, कठिन इलाके, या विकलांग व्यक्तियों के समूह), न्यूनतम 5 सदस्यों को स्वीकार किया जाता है।
- सक्रिय अस्तित्व: SHG को कम से कम 6 महीने से सक्रिय होना चाहिए।
- "पंचसूत्र": समूह को 5 मूल सिद्धांतों का कड़ाई से पालन करना चाहिए:
- नियमित बैठकें
- नियमित बचत
- नियमित अंतर-ऋण (सदस्यों के बीच आंतरिक ऋण)
- ऋणों का समय पर पुनर्भुगतान
- खाता पुस्तकों का अद्यतन रखरखाव
3. समूह उद्यम पात्रता (यदि उद्यम ऋण के लिए आवेदन कर रहे हैं): यदि कोई SHG या समूह पूंजीगत सब्सिडी या समूह उद्यम घटक के लिए आवेदन कर रहा है, तो मानदंडों में शामिल हैं:
- न्यूनतम सदस्य: कम से कम 5 सदस्य।
- गरीबों का प्रतिनिधित्व: समूह के 70% से अधिक सदस्य गरीब परिवारों से होने चाहिए।
- आयु: आवेदन के समय सभी सदस्यों की आयु कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए।
NRLM योजना के प्रमुख लाभ
1. वित्तीय समावेशन और रियायती ऋण
- संपार्श्विक-मुक्त (Collateral-Free) ऋण: स्वयं सहायता समूह (SHG) बिना किसी मार्जिन या गारंटी के ₹10 लाख तक के औपचारिक बैंक ऋण प्राप्त कर सकते हैं।
- ब्याज अनुदान: 250 पहचाने गए पिछड़े जिलों में महिला SHG ₹3 लाख तक के ऋण पर 7% प्रति वर्ष की रियायती दर प्राप्त कर सकती हैं। समय पर पुनर्भुगतान करने से 3% का अतिरिक्त अनुदान मिलता है, जिससे प्रभावी ब्याज दर केवल 4% रह जाती है।
- रिवाल्विंग और कम्युनिटी फंड: समूहों को उनकी प्रारंभिक पूंजी बनाने, क्रेडिट इतिहास में सुधार करने और आंतरिक ऋणों का प्रबंधन करने के लिए प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
2. सार्वभौमिक सामाजिक लामबंदी और सशक्तिकरण
- यह योजना हर ग्रामीण गरीब परिवार से कम से कम एक महिला को मजबूत, सहकर्मी-समर्थित स्वयं सहायता समूहों (SHG) में लाती है।
- यह सामूहिक सौदेबाजी और दीर्घकालिक सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए ग्राम संगठनों (VOs) और क्लस्टर स्तरीय संघों (CLFs) की एक संघीय संरचना तैयार करता है।
3. कौशल विकास और रोजगार
- DDU-GKY: ग्रामीण युवाओं (आयु 15-35) को टिकाऊ मजदूरी रोजगार सुरक्षित करने में मदद करने के लिए प्लेसमेंट से जुड़ा कौशल प्रशिक्षण प्रदान करता है।
- RSETI: ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान व्यक्तियों (आयु 18-50) को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए मुफ्त आवासीय उद्यमिता और कौशल विकास प्रशिक्षण प्रदान करते हैं।
4. आजीविका वृद्धि
- कृषि-आधारित (कृषि, पशुधन) और गैर-कृषि (हस्तशिल्प, सूक्ष्म उद्यम) आजीविका के लिए समर्पित सहायता प्रदान करता है।
- मूल्य संवर्धन, ब्रांडिंग और बाजार संबंधों की सुविधा देता है ताकि ग्रामीण उद्यमी अपने उत्पादों को लाभप्रद रूप से बेच सकें।
5. अधिकारों तक पहुंच
- ग्रामीण परिवारों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन, बीमा, आवास (PMAY), और स्वच्छता (स्वच्छ भारत) जैसी अन्य सरकारी सुविधाओं से जोड़ता है।
चरण-दर-चरण आवेदन प्रक्रिया
1. स्वयं सहायता समूह (SHG) बनाएं या उसमें शामिल हों
- लाभ प्राप्त करने का प्राथमिक तरीका सामुदायिक समूहों के माध्यम से है।
- अपने क्षेत्र के स्थानीय खंड विकास अधिकारी (BDO), ग्राम पंचायत कार्यालय, या स्थानीय सामुदायिक संसाधन व्यक्तियों (CRPs) से संपर्क करें।
- समूह आम तौर पर गरीबी रेखा से नीचे (BPL) या हाशिए के परिवारों की 10 से 20 महिलाओं के साथ बनाए जाते हैं।
2. SHG पंजीकरण पूरा करें
- आपके SHG को पंचसूत्र मानदंडों (नियमित बैठकें, नियमित बचत, आंतरिक ऋण, समय पर पुनर्भुगतान और अद्यतन रिकॉर्ड) का पालन करना चाहिए।
- SHG के नाम पर एक बचत बैंक खाता खोलें, जिसके लिए पदाधिकारियों की पहचान और पते के प्रमाण की आवश्यकता होती है।
3. एक माइक्रो-क्रेडिट योजना विकसित करें
- SHG आपकी आजीविका की जरूरतों और वित्तीय आवश्यकताओं की रूपरेखा तैयार करते हुए एक समूह या व्यक्तिगत सूक्ष्म योजना बनाता है।
- मूल्यांकन के लिए यह योजना आपके स्थानीय NRLM अधिकारियों को प्रस्तुत की जाती है।
4. फंड और बैंक लिंकेज के लिए आवेदन करें
- ऑफ़लाइन: स्थानीय NRLM अधिकारी आपके SHG को भागीदार बैंकों से जोड़ने में मदद करते हैं। पंजीकृत होने के बाद SHG को रिवाल्विंग फंड (RF) और कम्युनिटी इन्वेस्टमेंट फंड (CIF) प्राप्त होगा।
- ऑनलाइन: आप जनसमर्थ (JanSamarth) पोर्टल या आधिकारिक shgbankloan.lokos.in पोर्टल के माध्यम से ऋण या योजना की पूछताछ शुरू कर सकते हैं।
सम्पर्क जानकारी
नाम : आशुतोष कुमार (जिला थिमेटिक एक्सपर्ट)
मोबाइल नं. : 7830800610
ईमेल : dmmdoon@gmail.com